ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान केंद्र (इसरो)



इसरो- एक ऐसा संस्थान जिसने भारत को पूरे विश्व में एक अलग पहचान दिलाई, और हमें गौरवान्वित होने के कई क्षण प्रदान किए | आज इसरो का नाम दुनिया की बड़े-बड़े अंतरिक्ष संस्थानों में गिना जाता है | आइये जानते है इसरो के बारे में- 

इसरो की शुरुआत सन् 1962 में 'भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति' (INCOSPAR) के नाम से हुई और इसे 1969 में 'भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान केंद्र' (इसरो) में बदल दिया गया, और भारतीय अंतिरक्ष विभाग (Department of Space) में शामिल किया गया | शुरुआत में इसरो संसाधनों की कमी और वित्तीय संकटों से जूझता रहा परन्तु हमारे कर्तव्यनिष्ठ वैज्ञानिकों ने इन सभी समस्याओं से निपटते हुई कई अभियान सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किये | समय के साथ-साथ इसरो के योगदान के बारे में लोगो ने जाना और धीरे-धीरे इसे मीडिया द्वारा कवरेज भी मिलने लगी | इसरो की सफलता कई वैज्ञानिकों के अथक प्रयास, दूरगामी सोच का परिणाम है, जैसे विक्रम साराभाई, सतीश धवन, यु. आर. राव, नम्बि नारायण आदि | 

जहां नासा और रॉस्कॉस्मॉस (रुसी अंतरिक्ष एजेंसी) एक द्वंदता के चलते अपनी काबिलियत दिखाने के लिए एक दूसरे को पछाड़ने को तत्पर दिखे, वहीं इसरो की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत को सद्गति प्रदान करना और देशवासियों की सेवा करना था, जैसे- बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का उपग्रह की मदद से पूर्वानुमान लगाना, संचार सुविधा प्रदान करना, भारत की सीमाओं पर निगरानी करना, आदि | 

इसरो की सबसे बड़ी खासियत जो पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है वह है निम्नतम लागत में मिशनों को सुरक्षित तरीके से पूर्ण करना | यही कारण है की आज बड़े-बड़े देश भी अपने उपग्रह इसरो की सहायता से अंतरिक्ष में भेजना चाहते है | अगर हम नासा और इसरो के सालाना बजट की तुलना करें तो भी हम फर्क साफ देख सकते है, एक तरफ जहां नासा को लगभग 195 हज़ार करोड़ रूपये दिए जाते है वहीं इसरो को सालाना 13 हज़ार करोड़ रूपये आवंटित किये जाते है | भारत की विकासगाथा में इसरो का बहुत ही अहम योगदान है, परन्तु सभी चीज़ों के बारे में एक ही आलेख में बता पाना संभव नहीं है, इसलिए हम इसरो के रॉकेट, अभियान और कार्यप्रणाली के बारे में आगे जानेंगे | 

प्रस्तुत है इसरो के बारे में मेरी स्वलिखित कविता | 

इसरो

आत्मनिर्भर भारत कि शान,

इसरो ने रचे कईं कीर्तिमान, 

अभाव में निखरा हमारा ज्ञान, 

प्रक्षेपित किए कई अभियान,

जैसे चंद्रयान एवं मंगलयान,   

कईं वैज्ञानिकों ने दिए योगदान,   

करने के लिए देश व जनता का उत्थान, 

इसी लक्ष्य के साथ शुरू हुआ इसरो संस्थान, 

दिलाई विश्व-पटल पर नई पहचान,

इसलिए उभरते भारत में है इसरो का बहुत महत्वपूर्ण स्थान | 


धन्यवाद,

सार्थक खोड़े 🙏



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